आप ऐसे प्रयत्न करे जीससे आपके बच्चें अच्छी जीवन बिता सकें केवल जीवित रहना कोई विशेषता नहीं है। मूल बात जीवित रहने के स्तर की है। कोई व्यक्ति बहादुर बनकर जीता है कोई कायर बनकर। केवल जिवित रहेंगे और सम्मान के साथ जिवित रहने में बहुत अंतर है ।
ज्ञान हि आदमी के जीवन की
आधारशिला है यदि आप संघर्ष
पर उतारू हो जाओ तो सफलता
आपके कदम चूमेगी । ध्येय सच्चे
हो तो दूश्मन को रास्ता छोड़ना
ही परेगा परतंत्रता से मनुष्य का
जीवन जानवरों से भी बदत्तर
हो जाता है।
अपमान के सौ वर्षों
कि जिंदगी से स्वाभीमान की
थोड़ी जिंदगी ज्यादा बेहतर है।
प्रयत्न करें कि हम मुर्ख भी रहेगें
तो सम्मान से रहेगें, स्वाभीमान
और आत्मा सम्मान से रहेगें ।
सम्मान से बढ़कर मनूषय के लिए
कूछ भी मुल्यवान नहीं है
हमारा संघर्ष मात्र सामाजिक, राजनैतिक व
आर्थिक आज़ादी के लिए हीं नहीं
बल्कि आत्म सम्मान के लिए भी होनी चाहिए।
लेखक - शंकर दास

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